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अप्रैल, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आचार्य रजनीश के तीन रूप

 आचार्य रजनीश (1931-1990) रजनीश का जन्म मध्य प्रदेश में 11 दिसंबर 1931 में हुआ। उनका बचपन का नाम चंद्रमोहन जैन था। उनकी पहचान प्रखर वक्ता, दार्शनिक और विवादास्पद धार्मिक गुरु के रूप में की जाती है। रजनीश की लच्छेदार बातें, उनकी "संभोग से समाधि" जैसी पुस्तकों में हिंदी भाषी पाठक की जिज्ञासा आज भी पाई जाती है। ओशो रजनीश के बौद्धिक-शस्त्रागार में अनेक शस्त्र हैं, जिनका आम पाठक शिकार बन जाता है। कोई मुक्त-सैक्स में अटक जाता है, कोई संगठित रिलीजन के विरोध, तर्कशीलता और नास्तिकता में फँस जाता है, तो कोई मेडिटेशन, नृत्य, संगीत, कुंडलिनी जागरण आदि से आकर्षित होकर रजनीश का चेला बन जाता है। इस प्रकार आज भी आचार्य रजनीश अनेक लोगों के लिए प्रासंगिक बने हुए हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में पाठकों को सावधान करने हेतु यह लेख लिखा है ताकि रजनीश की लुभावनी बातों से प्रभावित होकर लोग उनके अंधभक्त न बनें, अपने दिमाग को रजनीश के आगे गिरवी न रखें और मानसिक शांति के भ्रम में न फँसें। रजनीश के जीवन-वृत्त पर नजर डालने से स्पष्ट ज्ञात होता है कि उनके तीन रूप हैं:-  1. आचार्य रजनीश (1970 तक):- इस समय रजनीश ...

इमरान प्रतापगढ़ी : सेकुलरिज्म के नाम पर एक धब्बा

 आज इमरान प्रतापगढ़ी को यूट्यूब पर सर्च किया। कई दिनों से न्यूज चैनल डिबेट्स में इमरान प्रतापगढ़ी के नाम का जिक्र आ रहा था। इसका संबंध हाल ही मारे गए बदमाश अतीक अहमद के साथ बताया जा रहा है। तभी मुझे याद आया कि एक बार डा. रणजीत ने इमरान प्रतापगढ़ी की कोरोना-काल से संबंधित एक कविता को "मानववादी गीत एवं कविताएं" में शामिल करने की अनुशंसा की थी। लेकिन मैंने पाया कि इस कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य की सोच कहीं से भी सैकुलर नहीं है। इसके विपरीत वे हिंदुओं से धार्मिक द्वेष रखने वाले मुस्लिम कट्टरपंथी ही हैं।  एक कविता "बोलो क्या-क्या झुठलाओगे" में उनकी यह कट्टर इसलामी सोच स्पष्ट रूप से उजागर हो गई। ये कविता किसी सच्चे सैकुलर मानववादी की नहीं लगती, बल्कि एक कट्टर मोहम्मडन की लिखी लगती हैं। इनमें सांप्रदायिक सद्भाव नहीं, बल्कि "हम बनाम तुम" (We Vs You) की अभिव्यक्ति हो रही है। ऐसे ही कथित सैकुलरों के कारण आम हिंदू सांप्रदायिकता की गोद में जाकर बैठ गया है।  इसने लालकिले और ताजमहल को तो गिना दिया; लेकिन ये बताना भूल गए कि अजंता-ऐलोरा, स्वर्ण मंदिर अमृतसर, अशोक स्तंभ, इं...